My Kalyan Mini Store, Vikhroli, Mumbai

1, Adrsh Chs Ltd, Building No-54, Station Road
Mumbai- 400083

022-61739701

Call Now

Opens at

<All Articles

पुराने गहनों का रिवाज़: क्या वापस लौट कर आ रहा है?

नया नौ दिन पुराना सौ दिन” हिन्दी भाषा में इससे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला मुहावरा शायद ही और कोई हो। फिर भी, ये मुहावरा पूरी तरह से सच है। खास कर फैशन उद्योग में जहां रुझान लगातार बहुत तेज़ी से बदलते रहते हैं, बहुत सारे ऐसे भी रुझान हैं जो शुरुआत में तो उतने लोकप्रिय नहीं होते लेकिन कुछ समय के बाद बहुत अधिक पसंद किए जाते हैं।
वापस पुरानी ज्वेलरी की बात करें, तो स्वाभाविक है कि ज्वेलरी का वह स्टाइल जिसका इस्तेमाल हमारे पूर्वज करते थे आज बहुत प्रचलित हो गया है। यह कारीगरों के बारीकी से किए काम का नतीजा है जो डिज़ाइन और ज्वेलरी को सदा के लिए खूबसूरत बना देते हैं। इस प्रकार की ज्वेलरी का महिलाओं द्वारा सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने का एक अन्य महत्वपूर्ण कारण है भावुकता जो पीढ़ी दर पीढ़ी ज्वेलरी को आगे देने के साथ ही गहरी होती चली जाती है। दुर्लभ और प्राचीन डिज़ाइनों के साथ-साथ, इन गहनों का संबंध हर महिला की उसकी माँ/दादी से जुड़ी प्यारी यादों से भी होता है। आइए कुछ लोकप्रिय प्राचीन ज्वेलरी पर एक नजर डालें जो आज के समय में फैशनेबल हैं।
बिना तराशी ज्वेलरी जैसे कि पोल्की जिसमें शुद्ध, बिना तराशे हीरे के बड़े टुकड़ों का कलात्मक रूप से भव्य चोकर और नेकलेस में इस्तेमाल किया जाता है, आज किसी भी दुल्हन की पहली पसंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि पोल्की ज्वेलरी इतनी भव्य और आकर्षक होती है कि आसपास खड़े लोगों की नजर सीधे दुल्हन के ऊपर जाती है जिसके बाद वे उसकी तारीफ करते नहीं थकते।
किसी भी महिला की एक अन्य सबसे पसंदीदा ज्वेलरी होती है झुमका/जिमिकी/कोड़ा कडुक्कन। कई सदियों से संपूर्ण भारत में पहनी जाने वाली इस प्रकार की कान की बालियाँ सचमुच में समय और फैशन दोनों से अनछुई होती हैं क्योंकि बहुत पुराने समय से ही महिलाएं इस प्रकार की ज्वेलरी को पसंद करती आ रही हैं। कई शिल्पकारों और फैशन परस्त लोगों ने मामूली से दिखने वाले झुमके में बदलाव कर उन्हें शादी के कपड़ों के साथ-साथ पश्चिमी कपड़ों के साथ पहने जाने के अनुकूल बनाया है।
कड़े सोने की चूड़ियाँ होते हैं जिनमें हीरे और बहुमूल्य रत्न जड़े हुए होते हैं। वे आकार में बड़े होते हैं जिन्हें आमतौर पर जोड़ी में या बस एक के तौर पर पहना जाता है। आज के समय में महिलाएं अपने हाथों में ढेर सारी चूड़ियाँ पहनना पसंद नहीं करती हैं। आज के दौर में कम से कम लेकिन बेहतरीन ज्वेलरी पहनने की चाहत ने महिलाओं को इन कड़ों की ओर आकर्षित किया है।
एक और चीज जो आज की महिलाएं बहुत अधिक पहनना पसंद करती हैं वो है नथनी। बड़ी जड़ाऊ नथनी से लेकर छोटे-छोटे हीरों से जड़ी नथनी और आकर्षक पश्चिमी डिज़ाइनों वाली नथनी तक, सभी प्रकार की नथनी को पसंद किया जाता है।
मांग टिक्का आमतौर पर एक इंच लंबा सोने का पेंडेंट होता जिसमें कभी-कभार हीरों को जड़ कर उत्कृष्ट डिज़ाइन बनाया जाता है। इसे विवाहित महिला के मंगलसूत्र में पिरोया जाता है। मुख्य रूप से उत्तर भारतीय महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली इस ज्वेलरी को सभी भारतीय महिलाएं पसंद करने लगी हैं।
जब बात पुरानी और प्राचीन ज्वेलरी की हो तो भारतीय तिजोरियों में ढेर सारे शानदार डिज़ाइन मौजूद हैं। मैंने तो बस इस लेख में कुछ सबसे लोकप्रिय डिज़ाइनों की जानकारी दी है क्योंकि यह सूची बहुत ही लंबी है।

Can we help you?