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आया तीज का त्योहार, चूड़ियों का फैशन

मॉनसून का मौसम उत्तर भारत की महिलाओं के लिए खुश होने के मौके साथ लाता है। जुलाई से सितंबर माह तक तीज का त्योहार मनाया जाता है। तीज, जिसे नेपाल के हिंदू और उत्तर पूर्वी भारत के निवासी मुख्य रूप से मनाते हैं, रंगों, जश्न और भाई चारे का प्रतीक है। तीज को उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मनाया जाता है।
तीन प्रकार की तीज होती है। हरियाली तीज, जिसे श्रावण माह में अमावस्या के बाद तीसरे दिन मनाया जाता है, कजरी तीज जो हिंदू माह भाद्रपद के कृष्ण पक्ष के तीसरे दिन मनाई जाती है और हरतालिका तीज, जिसे भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष में तीसरे दिन मनाया जाता है।
तीज का त्योहार हिंदू देवी पार्वती और हिंदू भगवान शिव के मिलन की खुशियां मनाने के लिए मनाया जाता है। कहा जाता है कि देवी पार्वती ने घोर तपस्या की और भगवान शिव से विवाह करने के लिए 108 बार जन्म लिया। इस शुभ दिन के अवसर पर युवतियां देवी पार्वती की पूजा अच्छा पति पाने के लिए करती हैं और शादी-शुदा महिलाएं अपने पतियों के कल्याण के लिए पूजा करती हैं।
जैसा कि किसी भी भारतीय त्योहार में होता है, तीज रंगों से भरा त्योहार है जो खुशी और भाई चारे का प्रतीक है। महिलाएं और युवतियां अपनी हथेलियों पर तरह-तरह के डिज़ाइन वाली मेहंदी लगाती हैं और चमचमाते लाल, नारंगी और हरे रंगों वाली वेशभूषाएं पहनती हैं जो समृद्धि और उन्नति का प्रतीक होता है। कुछ महिलाएं इस पवित्र दिन अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए व्रत रखती हैं। पूजा की समाप्ति और दान-पुण्य करने के बाद, सभी महिलाएं एक दूसरे को मिठाई बांटती हैं और इस अवसर को मनाने के लिए नाच-गाना करती हैं। इस दिन एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई घेवर खाई जाती है। यह मिठाई दिखने में मधुमक्खी के छत्ते जैसी होती है जिसे ऊपर से मावे को मीठा कर उसमें पीसे हुए बादाम-अखरोट डाल कर सजाया जाता है।
जैसा कि किसी भी भारतीय त्योहार में होता है, तीज के त्योहार में भी ज्वेलरी को पहना जाता है। महिलाएं पारंपरिक भारतीय वेशभूषाएं पहनती हैं और माथे पर मांग टिक्का लगाने से लेकर दोनों पैरों में पाजेब जैसी तरह-तरह की ज्वेलरी पहनती हैं। इस दिन महिलाएं सोने या हीरे के अलग-अलग प्रकार के नेकलेस, चेन और मेल खाती कानों की बालियां पहनती हैं। परंपरा अनुसार हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं। हरियाली का संबंध हरे रंग और प्रकृति की पालन-पोषण करने की शक्ति से होता है। इस अवसर पर महिलाएं तरह-तरह के हरे रंगों वाली चूड़ियां पहनती हैं। हरी आभा वाली सोने की चूड़ियों से लेकर पन्ना जड़ित चूड़ियों तक, इस अवसर पर हर प्रकार की हरे रंग की चूड़ियां आपको मिल जाएंगी।
भारत देश बहुत ही अनूठा है क्योंकि यहां के निवासी दुनिया के कोने-कोने में अलग-अलग त्योहार मनाते हैं, भिन्न प्रकार के रीति-रिवाज किए जाते हैं पर हर त्योहार की भावना एक जैसी ही होती है।

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