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सर्दियों की शादी में अपने अंदाज़ को और भी बेहतर बनाने की कला ज्वेलरी की इन शानदार पीस के साथ सर्दियों की शादी में पहने जाने वाले कपड़ों को और भी आकर्षक बनाएँ

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सर्दियों के मौसम का मतलब है शादियों का मौसम। फ़ैशन की नज़र से देखें तो सर्दियों में आपको बेहतरीन पारंपरिक ज्वेलरी के साथ-साथ बेहतरीन कपड़े पहनने का मौका मिलता है। दूसरी ओर, गर्मियों की शादियों में बिना तड़क-भड़क, चमचमाहट और हल्के रंगों का पहनावा अच्छा लगता है। चाहे आपकी शादी हो या आपके परिवार में किसी सदस्य की शादी हो, सर्दियों में ही कई सारी ज्वेलरी पहनने, बेहतरीन पशमीना को शान से दिखाने और बिना किसी परेशानी के भारी-भरकम लहंगे पहनने का मौका मिलता है। सर्दियों की शादियों का अपना अलग ही मज़ा और आनंद होता है। आप चाहें तो किसी हॉल में, खुले आसमान में, किसी ख़ास डेस्टिनेशन पर या फिर किसी महल या हवेली में शादी का आयोजन कर सकते हैं। हॉल में आयोजित शादियाँ आराम से कुछ ख़ास मेहमानों के बीच आयोजित की जा सकती हैं। इस तरह से आप अपनी पसंद की सजावट करवा सकते हैं, जैसे कि क्या थीम होनी चाहिए, झूमर किस तरह के लगे हुए होने चाहिए या सजावट के लिए किस प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, खुले आसमान के नीचे आयोजित की जाने वाली शादियों का नज़ारा ही कुछ और होता है और सभी कुछ विशाल दिखाई देता है। ख़ास डेस्टिनेशन पर की जाने वाली शादियों के तो कहने ही क्या! चाहे समुद्र का किनारा हो या लंबे चौड़े पर्वत, हर जगह प्रकृति दिखाई देती है। “प्रकृति से सभी को ज़रूरत से ज़्यादा ही मिलता है”। ऐसे में पहनी जाने वाली ज्वेलरी और कपड़े आसपास के माहौल, सजावट, थीम, मूड और खुशी से अपने आप ही मेल खाने लगते हैं। अब हम बात करते हैं किसी भी शादी के सबसे बेहतरीन और आकर्षक पहलू के ऊपर, यानी कि ज्वेलरी। हर दुल्हन को उस पल का बेसबरी से इंतज़ार होता है जब वो अपने परिवार और ससुराल के साथ ज्वेलरी ख़रीदने जाती है। सबसे पहले तो वो ऐसी ज्वेलरी आज़माती है जो उसके रूप रंग, नैन-नक्श से खूब जँचती हो। उसके बाद ही कई महीनों की मेहनत के बाद वो अपनी पसंद की चीज़ों का चयन कर उन्हें ख़रीदती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि कोई भी दुल्हन शादी के लिए ज्वेलरी ख़रीदने के बाद फिर कभी ज्वेलरी नहीं ख़रीदती है। अगर उसके किसी करीबी दोस्त या रिश्तेदार की शादी होने वाली है, तो वो नहीं चाहेगी कि उसी ज्वेलरी को फिर से पहन कर दोहराया जाए। तो सबसे अच्छा होगा कि नई ज्वेलरी ख़रीदी जाए। अगर आपको फैसला लेने में हमारी मदद चाहिए, तो आगे कुछ उदाहरण दिए गए हैं। हाथों से बनी ज्वेलरी शादी की ख़रीदारी करते समय कीमत को नहीं देखा जाता है। ज़ाहिर है कि आप अपनी ज़िंदगी के सबसे अहम दिन सबसे बेहतरीन दिखना चाहेंगी और ऐसे में कोई भी चीज़ आपको ऐसा करने से नहीं रोक पाएगी। हाथों से बनी ज्वेलरी बहुत ख़ास होती है क्योंकि इसके हर पीस को बहुत कुशलता से बनाया जाता है। हर पीस उसे बनाने वाले कारीगर की सांस्कृतिक धरोहर, कलाकृति, व्यक्तित्व और हुनर का नमूना होता है। हर पीस को बनाने के लिए समय और एकाग्रता की ज़रूरत होती है। अंत में, आपको पता है कि जो आप पहन रही हैं वो अनूठा है क्योंकि उस जैसा हूबहू डिज़ाइन नहीं पहनने वाला। हाथों से बनी ज्वेलरी के हर पीस का अनोखापन और उसे पहनने वाले की सुंदरता उन्हें स्टाइलिश, शानदार और विचित्र बनाती है। अंदाज़ 1 सबसे पहला अंदाज़ जिसके बारे में हम बात करने जा रहे हैं, हॉल में आयोजित की जाने वाली सर्दियों की शादियों के लिए सबसे बढ़िया रहेगा। हमें विश्वास है कि आपको पारंपरिक रंग, जैसे कि लाल और सुनहरा पसंद आएगा। दिखने में आकर्षक ये रंग शादी के लिए पवित्र माने जाते हैं। शादी में लाल रंग का इस्तेमाल शुद्धता और सुंदरता के लिए किया जाता है। वहीं सुनहरा रंग आपकी नई ज़िंदगी की सफलता और जीत का प्रतीक होता है। इन्हीं कारणों से शादी में लाल और सुनहरे रंग का चयन सदियों से चला आ रहा है। हाथों से बनी मैट गोल्ड रंग की ज्वेलरी पहनें। इस तरह से ज्वेलरी पर किया गया बारीक काम उसके डिज़ाइन के कारण छिप जाएगा, लेकिन झुमकों का सेट, महीन डिज़ाइन वाला चोकर और नथ पहन कर आप गुज़रे जमाने की दुल्हन ज़रूर दिखेंगी। इस बात का ध्यान रखें कि मेकअप बहुत ज़्यादा नहीं किया गया हो। क्लीन बेस पर फ़ोकस करें, गालों पर हल्का पीच या गुलाबी रंग का इस्तेमाल करें, आँखों को चमकीला गहरा और होंठों पर लाल रंग की लिपस्टिक लगाएँ। हमारा सुझाव है कि आप इस दिन ऊंची हील पहनें। इस तरह हॉल में मेहमानों का स्वागत खड़े रह कर या फिर बैठ कर करते हुए आप भीड़ में सबसे अलग और सुंदर दिखाई देंगी। शादी की ज्वेलरी में कुंदन मीना ज्वेलरी को सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है। इसमें बेशकीमती रत्न जैसे कि बिना तराशे हीरे, मोती, पन्ना और माणिक को सोने की ज्वेलरी में जड़ा जाता है। क्योंकि इन्हें जड़ने में किसी गोंद या चिपकाने वाले पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया जाता, ऐसा लगता है मानो इसमें कोई जोड़ या सीवन है ही नहीं। ये ज्वेलरी बारीक कारीगरी और तरह-तरह के रंगों से बनाई गई ज्वेलरी का एक उत्तम नमूना होने के साथ-साथ खूबसूरत और पारंपरिक भी दिखाई देती है। सुनहरी आभा के साथ हरे, नीले और हल्के रंग वाले मीनाकारी रत्न किसी भी दुल्हन के रूप को निखार सकते हैं। अंदाज़ 2 दूसरा अंदाज़, यानी कि आधुनिक फ़ैशन और परंपरा का संगम खुले आसमान में आयोजित की जाने वाली शादियों के लिए सबसे उत्तम होता है। जैसा कि ऊपर बताया गया था, खुले आसमान में आयोजित शादियों में किसी भी खुले स्थान को मनचाहे ढंग से खूबसूरत तरीके से सजाया जा सकता है। क्योंकि सजावट और सेटिंग किसी परी लोक से कम दिखाई नहीं देती हैं, आपका पहनावा भी उतना ही शानदार होना चाहिए। आप क्रिस्टल और रत्नों से जड़ित और बेहतरीन दिखाई देने वाला लहंगा पहन सकती हैं। वैसे तो मौसम ठंडा होता है और तापमान भी बहुत कम रहता है, फिर भी हमारा सुझाव है कि आप सुंदर लेकिन सादा ब्लाउज़ पहनें। साड़ी या लहंगा वो चुनें जिसके ऊपर बेहतरीन काम किया गया हो। इस तरह की शादियों में बढ़िया एंब्रॉइडरी लेकिन हल्के रंग वाला लहंगा आज़माएँ। अपने बालों को बाँधें नहीं बल्कि खुला छोड़ दें। इस तरह हल्की हवा से आपके बाल स्वाभाविक रूप से लहराएंगे। ऐसे में आपको अपना मेकअप चमकदार लेकिन फीका रखना चाहिए। आँखों के ऊपर ज़्यादा ध्यान दें। बाकी काम मीनाकारी सेट पर छोड़ दें। हमारा सुझाव है कि आप हल्के रंग के चमचमाते लहंगे के साथ लाल और चटक हरे रंग के रत्नों वाला गोल्ड का सेट पहनें। इसके अलावा आप मोर पंखी, हल्के नीले और सफ़ेद रंग के मीनाकारी सेट आज़मा सकती हैं। आप अपनी ज्वेलरी के रंगों के अनुसार अपनी शादी के जोड़े का रंग चुन सकती हैं। हमारी माने तो हाथों में बढ़िया जड़ाऊ चूड़ियाँ पहनें। ज्वेलरी बनाने की जड़ाऊ विधि में हीरे, पन्ने और नीलम जैसे बहुमूल्य रत्न सोने में जड़े जाते हैं। अपने नाखूनों पर पहनावे से मेल खाते रंग लगाएँ। पोलकी कुंदन ज्वेलरी में बिना तराशे हीरों का इस्तेमाल किया जाता है और भारतीय शादियों में इस तरह की ज्वेलरी का खूब इस्तेमाल होता है। इस ज्वेलरी में पोलकी हीरे गोल्ड केसिंग में जड़े जाते हैं, तभी इसे कुंदन कहा जाता है। पोलकी कुंदन ज्वेलरी शानो-शौकत का प्रतीक है। सुंदर, शानदार चूड़ियाँ और नेकलेस, कान की बालियाँ, अंगूठियाँ और मांग टीका बनाने में बिना तराशे हीरों को सोने में सीधे बिठाया जाता है। इसके अतिरिक्त, आप माणिक, पन्ना और नीलम के इस्तेमाल से बने कुंदन या जड़ाऊ पीस भी चुन सकती हैं। इसके अलावा, कुंदन ज्वेलरी के कुछ पीसों में रोज़-कट डायमंड, डबल-कट डायमंड और मोतियों के इस्तेमाल से पूरी तरह से सफ़ेद रंग के पीस तैयार किए जाते हैं जो कि दिखने में बहुत सुंदर और दुल्हन पर खूब जँचते हैं। हाथों से बनी कुंदन की ज्वेलरी को तैयार करने में 1-2 महीने का समय लगता है और इसके लिए कारीगर को बहुत बारीकी से काम करने की ज़रूरत होती है। अगर दुल्हन की पसंद हल्के रंग हैं, तो उसे नवरत्न ज्वेलरी का सेट ख़रीदना चाहिए जिसमें चोकर, ब्रेसलेट और झुमके शामिल होते हैं। ये नौ रत्न नौ ग्रहों के प्रतीक हैं और इन्हें शुभ माना जाता है। हालांकि, जब बात विविधता की हो, तो ये बेमिसाल हैं और दुल्हन के हर तरह के स्टाइल और पहनावे के साथ खूब जँचते हैं। अंदाज़ 3 तीसरा अंदाज़ किसी हिल स्टेशन पर की जाने वाली शादी से संबंध रखता है। अगर आप किसी ख़ास डेस्टिनेशन पर शादी करना चाहती हैं और वहाँ बर्फ पड़ने या कोहरा होने की उम्मीद करती हैं, तो इस साफ-सुथरे अंदाज़ को ज़रूर आज़माएँ। अगर आपकी शादी में बर्फ पड़ने की संभावना है, तो इस बात की बहुत संभावना है कि आप अपनी शादी में पश्चिमी या पश्चिम-भारतीय ड्रेस पहनना पसंद करेंगी। इस प्रकार के पहनावे के साथ पन्ने वाली तराशे हुए हीरों की ज्वेलरी खूब जँचती है। समुद्र किनारे की शादी के लिए हीरे और मोतियों या नीले नीलम का कॉम्बिनेशन आज़माएँ। इस तरह से आपका अंदाज़ जगह की सुंदरता के हिसाब से खूब जँचेगा। अगर आप स्ट्रैप वाला ब्लाउज़ पहनने जा रही हैं, तो अपने नेकलेस को आकर्षण का केंद्र बनाएँ। हमारा सुझाव है कि आप चोकर या 3 से 4 लेयर वाला नेकलेस चुनें। अगर आप बड़े और सुंदर झुमके पहनने जा रही हैं, तो साथ में पतला और सुंदर नेकलेस पहनें। अपनी पुश्तैनी ज्वेलरी के साथ कोई जुगलबंदी बनाएँ, जिसे पहन कर अपनेपन की भावना तो जागृत होती है, साथ ही हर अवसर पर भी वो खूब जँचती है। स्त्रीधन परिवार की महिलाओं के लिए युग, स्थान और व्यक्तिगत स्टाइल और पसंद का प्रतीक होता है। इस तरह अपने सबसे ख़ास दिन आप अपनी और अपने परिवार की पहचान साथ ले जा रही होती हैं। कहने की ज़रूरत नहीं कि पुश्तैनी ज्वेलरी की प्राचीन सुंदरता बेमिसाल होती है। हल्के वज़न वाली ज्वेलरी अक्सर शादी में पहनने के लिए पहली पसंद नहीं होती है। लेकिन आप एक नया चलन शुरू कर सकती हैं। हल्के वज़न वाली ज्वेलरी का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि आप ख़रीदने के बाद हर पीस को नियमित रूप से पहन सकती हैं। इस तरह से आप शादी के बाद भी एक याद के तौर पर उसे कभी भी और कहीं भी पहन कर जा सकती हैं। इसके अलावा, आप हल्के वज़न की ज्वेलरी को सुंदर और अलग-अलग तरह से पहन सकती हैं। इसके लिए एक से ज़्यादा नेकलेस, चूड़ियों और ब्रेसलेट को सही से लेयर करना ज़रूरी होता है। ये ज्वेलरी शादी की कॉकटेल पार्टी में पहनी जा सकती है, ख़ास तौर पर इसीलिए क्योंकि ये कई स्टाइल में उपलब्ध होती है और इसे रोज़ गोल्ड, व्हाइट गोल्ड और प्लैटिनम से तैयार किया जा सकता है। इस तरह से आपने देखा कि कैसे सर्दियों की शादी के लिए तरह-तरह के अंदाज़ आज़माए जा सकते हैं। चाहे आप कोई भी स्टाइल आज़माएँ, याद रखें कि आपके ख़ास दिन सबसे बेशकीमती ज्वेलरी आपके चेहरे पर मुस्कुराहट और आत्मविश्वास होता है, एक नई ज़िंदगी में कदम रखने का।
Publisher: Kalyan Jewelers

ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਅੰਦਾਜ਼ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਕਲਾ ਜਵੈਲਰੀ ਦੀ ਇਹਨਾਂ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪੀਸ ਦੇ ਨਾਲ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਪਹਿਨੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਕੱਪੜਿਆਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਆਕਰਸ਼ਕ ਬਣਾਓ

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ਸਰਦੀਆਂ ਦਾ ਮੌਸਮ ਮਤਲਬ ਹੈ ਵਿਆਹਾਂ ਦਾ ਮੌਸਮ। ਫੈਸ਼ਨ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਨਾਲ ਦੇਖੀਏ ਤਾਂ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਿਹਤਰੀਨ ਪਰੰਪਰਾਗਤ ਜਵੈਲਰੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਬਿਹਤਰੀਨ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ, ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਨਾਂ ਤੜਕ-ਭੜਕ, ਚਮਚਮਾਹਟ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਰੰਗਾਂ ਦਾ ਪਹਿਨਾਵਾ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ। ਚਾਹੇ ਤੁਹਾਡਾ ਵਿਆਹ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਮੈਂਬਰ ਦਾ ਵਿਆਹ ਹੋਵੇ, ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕਈ ਸਾਰੀ ਜਵੈਲਰੀ ਪਹਿਨਣ, ਬਿਹਤਰੀਨ ਪਸ਼ਮੀਨਾ ਨੂੰ ਸ਼ਾਨ ਨਾਲ ਦਿਖਾਉਣ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਦੇ ਭਾਰੀ-ਭਰਕਮ ਲਹਿੰਗੇ ਪਹਿਨਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹਾਂ ਦਾ ਆਪਣਾ ਵੱਖਰਾ ਹੀ ਮਜ਼ਾ ਅਤੇ ਆਨੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਤੁਸੀਂ ਚਾਹੇ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਹਾਲ ਵਿੱਚ, ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਅਸਮਾਨ ਵਿੱਚ, ਕਿਸੇ ਖਾਸ ਡੈਸਟੀਨੇਸ਼ਨ ‘ਤੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਮਹਿਲ ਜਾਂ ਹਵੇਲੀ ਵਿੱਚ ਵਿਆਹ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਹਾਲ ਵਿੱਚ ਆਯੋਜਿਤ ਵਿਆਹ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਕੁਝ ਖਾਸ ਮਹਿਮਾਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੀ ਪਸੰਦ ਦੀ ਸਜਾਵਟ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਕੀ ਥੀਮ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਝੂੰਮਰ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਲੱਗੇ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਜਾਂ ਸਜਾਵਟ ਲਈ ਕਿਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ, ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਅਸਮਾਨ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਵਿਆਹਾਂ ਦਾ ਨਜ਼ਾਰਾ ਹੀ ਕੁੰਝ ਹੋਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਰਾ ਕੁਝ ਵਿਸ਼ਾਲ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹੈ। ਖਾਸ ਡੈਸਟੀਨੇਸ਼ਨ ‘ਤੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਵਿਆਹਾਂ ਦਾ ਤਾਂ ਕਹਿਣਾ ਕੀ! ਚਾਹੇ ਸਮੁੰਦਰ ਦਾ ਕਿਨਾਰਾ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਲੰਬੇ ਚੌੜੇ ਪਰਬਤ, ਹਰ ਜਗ੍ਹਾ ਕੁਦਰਤ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। “ਕੁਦਰਤ ਤੋਂ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੀ ਮਿਲਦਾ ਹੈ।” ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਪਹਿਨੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਜਵੈਲਰੀ ਅਤੇ ਕੱਪੜੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਮਾਹੌਲ, ਸਜਾਵਟ, ਥੀਮ, ਮੂਡ ਅਤੇ ਖੁਸ਼ੀ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੀ ਮੇਲ ਖਾਣ ਲੱਗਦੇ ਹਨ। ਹੁਣ ਅਸੀਂ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਆਹ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਬਿਹਤਰੀਨ ਅਤੇ ਆਕਰਸ਼ੱਕ ਪਹਿਲੂ ‘ਤੇ, ਯਾਨੀ ਕਿ ਜਵੈਲਰੀ। ਹਰ ਦੁਲਹਨ ਨੂੰ ਉਸ ਪਲ ਦਾ ਬੇਸਬਰੀ ਨਾਲ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਸਹੁਰਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਜਵੈਲਰੀ ਖਰੀਦਣ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ ਉਹ ਅਜਿਹੀ ਜਵੈਲਰੀ ਅਜ਼ਮਾਉਂਦੀ ਹੈ ਜੋ ਉਸਦੇ ਰੂਪ ਰੰਗ, ਨੈਨ ਨੱਕਸ਼ ਨਾਲ ਖੂਬ ਜੱਚਦੀ ਹੋਵੇ। ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਕਈ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਆਪਣੀ ਪਸੰਦ ਦੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਚੋਣ ਕਰਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਦੀ ਹੈ। ਪਰ ਅਜਿਹਾ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿ ਕੋਈ ਵੀ ਦੁਲਹਨ ਵਿਆਹ ਲਈ ਜਵੈਲਰੀ ਖਰੀਦਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਕਦੇ ਜਵੈਲਰੀ ਨਾ ਖਰੀਦਦੀ ਹੋਵੇ। ਜੇ ਉਸਦੇ ਕਿਸੇ ਕਰੀਬੀ ਦੋਸਤ ਜਾਂ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ ਦਾ ਵਿਆਹ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਹ ਨਹੀਂ ਚਾਹੇਗੀ ਕਿ ਉਸੇ ਜਵੈਲਰੀ ਨੂੰ ਮੁੜ ਤੋਂ ਪਹਿਨ ਕੇ ਦੁਹਰਾਇਆ ਜਾਵੇ। ਤਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਚੰਗਾ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿ ਨਵੀਂ ਜਵੈਲਰੀ ਖਰੀਦੀ ਜਾਵੇ। ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੈਸਲਾ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਸਾਡੀ ਮਦਦ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਅੱਗੇ ਕੁਝ ਉਦਾਹਰਨ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣੀ ਜਵੈਲਰੀ ਵਿਆਹ ਦੀ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਕੀਮਤ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਜ਼ਾਹਿਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਅਹਿਮ ਦਿਨ ਸਭ ਤੋਂ ਬਿਹਤਰੀਨ ਦਿਖਣਾ ਚਾਹੋਗੇ ਅਤੇ ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵੀ ਚੀਜ਼ ਤੁਹਾਨੂੰ ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਰੋਕ ਪਾਵੇਗੀ। ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣੀ ਜਵੈਲਰੀ ਬਹੁਤ ਖਾਸ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸਦੇ ਹਰ ਪੀਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਕੁਸ਼ਲਤਾ ਨਾਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਹਰ ਪੀਸ ਉਸਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੇ ਕਾਰੀਗਰ ਦੀ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤਿਕ ਵਿਰਾਸਤ, ਕਲਾਕ੍ਰਿਤੀ, ਵਿਅਕਤਿੱਤਵ ਅਤੇ ਹੁਨਰ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਹਰ ਪੀਸ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮਾਂ ਅਤੇ ਇਕਾਗਰਤਾ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਅੰਤ ਵਿੱਚ, ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਤਾ ਹੈ ਕਿ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਨ ਰਹੇ ਹੋ ਉਹ ਅਨੋਖਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਉਸ ਵਰਗਾ ਹੂਬ ਹੂ ਡਿਜ਼ਾਇਨ ਨਹੀਂ ਪਹਿਨਣ ਵਾਲਾ। ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦੇ ਹਰ ਪੀਸ ਦਾ ਅਨੋਖਾਪਣ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਪਹਿਨਣ ਵਾਲੇ ਦੀ ਸੁੰਦਰਤਾ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸਟਾਇਲਿਸ਼, ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਅਤੇ ਵਚਿੱਤਰ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਅੰਦਾਜ਼ 1 ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅੰਦਾਜ਼ ਜਿਸਦੇ ਬਾਰੇ ਅਸੀਂ ਗੱਲ ਕਰਨ ਜਾ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹਾਂ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ। ਸਾਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰੰਪਰਾਗਤ ਰੰਗ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਲਾਲ ਅਤੇ ਸੁਨਿਹਰਾ ਪਸੰਦ ਆਵੇਗਾ। ਦਿਖਣ ਵਿੱਚ ਆਕਰਸ਼ਕ ਇਹ ਰੰਗ ਵਿਆਹ ਦੇ ਲਈ ਪਵਿੱਤਰ ਮੰਨੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਸ਼ੁੱਧਤਾ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰਤਾ ਦੇ ਲਈ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉੱਥੇ ਸੁਨਿਹਰਾ ਰੰਗ ਤੁਹਾਡੀ ਨਵੀਂ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਸਫ਼ਲਤਾ ਅਤੇ ਜਿੱਤ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਲਾਲ ਅਤੇ ਸੁਨਿਹਰੇ ਰੰਗ ਦੀ ਚੋਣ ਸਦੀਆਂ ਤੋਂ ਚੱਲੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣੀ ਮੈਟ ਗੋਲਡ ਰੰਗ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਪਹਿਨੋ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਜਵੈਲਰੀ ‘ਤੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਬਾਰੀਕ ਕੰਮ ਉਸਦੇ ਡਿਜ਼ਾਇਨ ਦੇ ਕਾਰਨ ਛਿਪ ਜਾਵੇਗਾ, ਪਰ ਝੁਮਕਿਆਂ ਦਾ ਸੈਟ, ਬਾਰੀਕ ਡਿਜ਼ਾਇਨ ਵਾਲਾ ਚੋਕਰ ਅਤੇ ਨੱਥ ਪਹਿਨ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਗੁਜ਼ਰੇ ਜ਼ਮਾਨੇ ਦੀ ਦੁਲਹਨ ਜ਼ਰੂਰ ਦਿਖੋਗੇ। ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਮੇਕਅਪ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਾ ਕੀਤਾ ਹੋਵੇ। ਕਲੀਨ ਬੇਸ ‘ਤੇ ਫੋਕਸ ਕਰੋ, ਗੱਲ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਹਲਕਾ ਪੀਚ ਜਾਂ ਗੁਲਾਬੀ ਰੰਗ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰੋ, ਅੱਖਾਂ ਨੂੰ ਚਮਕੀਲਾ ਗੂੜਾ ਅਤੇ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੀ ਲਿਪਸਟਿਕ ਲਗਾਓ। ਸਾਡਾ ਸੁਝਾਅ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦਿਨ ਉੱਚੀ ਹੀਲ ਪਹਿਨੋ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਾਲ ਵਿੱਚ ਮਹਿਮਾਨਾਂ ਦਾ ਸੁਆਗਤ ਖੜ੍ਹੇ ਰਹਿ ਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਬੈਠ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਤੁਸੀਂ ਭੀੜ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਖ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰ ਦਿਖਾਈ ਦੇਵੋਗੇ। ਵਿਆਹ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਵਿੱਚ ਕੁੰਦਨ ਮੀਨਾ ਜਵੈਲਰੀ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਸੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਬੇਸ਼ਕੀਮਤੀ ਰਤਨ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਬਿਨਾਂ ਤਰਾਸ਼ੇ ਹੀਰੇ, ਮੋਤੀ, ਪੰਨਾ ਅਤੇ ਮਾਣਿਕ ਨੂੰ ਸੋਨੇ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਵਿੱਚ ਜੜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਕਿਉਂਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਜੜਣ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਗੋਂਦ ਜਾਂ ਚਿਪਕਾਉਣ ਵਾਲੇ ਪਦਾਰਥ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ, ਅਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਮੰਨੋ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਜੋੜ ਜਾਂ ਸਿਉਣ ਹੈ ਹੀ ਨਹੀਂ। ਇਹ ਜਵੈਲਰੀ ਬਾਰੀਕ ਕਾਰੀਗਰੀ ਅਤੇ ਤਰ੍ਹਾਂ-ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਰੰਗਾਂ ਨਾਲ ਬਣਾਈ ਗਈ ਜਵੈਲਰੀ ਦਾ ਇੱਕ ਉੱਤਮ ਨਮੂਨਾ ਹੋਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਖੂਬਸੂਰਤ ਅਤੇ ਪਾਰੰਪਰਿਕ ਵੀ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਸੁਨਹਿਰੀ ਕਿਰਨ ਦੇ ਨਾਲ ਹਰੇ, ਨੀਲੇ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਰੰਗ ਵਾਲੇ ਮੀਨਾਕਾਰੀ ਰਤਨ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦੁਲਹਨ ਦੇ ਰੂਪ ਨੂੰ ਨਿਖਾਰ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਅੰਦਾਜ਼ 2 ਦੂਜਾ ਅੰਦਾਜ਼, ਯਾਨੀ ਕਿ ਆਧੁਨਿਕ ਫੈਸ਼ਨ ਅਤੇ ਪਰੰਪਰਾ ਦਾ ਸੰਗਮ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਅਸਮਾਨ ਵਿੱਚ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਵਿਆਹਾਂ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਤਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਉੱਪਰ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਸੀ, ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਅਸਮਾਨ ਵਿੱਚ ਆਯੋਜਿਤ ਵਿਆਹਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਸਥਾਨ ਨੂੰ ਮਨਚਾਹੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਖੂਬਸੂਰਤ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸਜਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਕਿਉਂਕਿ ਸਜਾਵਟ ਅਤੇ ਸੈਟਿੰਗ ਕਿਸੇ ਪਰੀ ਲੋਕ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦਿਖਾਈ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਹਾਡਾ ਪਹਿਨਾਵਾ ਵੀ ਉੰਨਾ ਹੀ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਤੁਸੀਂ ਕ੍ਰਿਸਟਲ ਅਤੇ ਰਤਨਾਂ ਨਾਲ ਜੜਿਤ ਅਤੇ ਬਿਹਤਰੀਨ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਵਾਲਾ ਲਹਿੰਗਾ ਪਹਿਨ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਮੌਸਮ ਠੰਡਾ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਵੀ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਫਿਰ ਵੀ ਸਾਡਾ ਸੁਝਾਅ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਸੁੰਦਰ ਪਰ ਸਾਦਾ ਬਲਾਉਜ਼ ਪਹਿਨੋ। ਸਾੜੀ ਜਾਂ ਲਹਿੰਗਾ ਉਹ ਚੁਣੋ ਜਿਸਦੇ ਉੱਪਰ ਬਿਹਤਰੀਨ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੋਵੇ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਿਆਹਾਂ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਐਂਬ੍ਰਾਇਡਰੀ ਪਰ ਹਲਕੇ ਰੰਗ ਵਾਲਾ ਲਹਿੰਗਾ ਅਜ਼ਮਾਓ। ਆਪਣੇ ਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਬੰਨ੍ਹੋ ਨਾ ਸਗੋਂ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਛੱਡ ਦਿਓ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਲਕੀ ਹਵਾ ਤੋਂ ਤੁਹਾਡੇ ਵਾਲ ਸੁਭਾਵਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਲਹਿਰਾਉਣਗੇ। ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਪਣਾ ਮੇਕਅਪ ਚਮਕਦਾਰ ਪਰ ਫਿੱਕਾ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਅੱਖਾਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧਿਆਨ ਦਿਓ। ਬਾਕੀ ਕੰਮ ਮੀਨਾਕਾਰੀ ਸੈਟ ‘ਤੇ ਛੱਡ ਦਿਓ। ਸਾਡਾ ਸੁਝਾਅ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਹਲਕੇ ਰੰਗ ਦੇ ਚਮਚਮਾਉਂਦੇ ਲਹਿੰਗੇ ਦੇ ਨਾਲ ਲਾਲ ਅਤੇ ਚਟਕ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਰਤਨਾਂ ਵਾਲਾ ਗੋਲਡ ਦਾ ਸੈਟ ਪਹਿਨੋ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀਂ ਮੋਰ ਪੰਖੀ, ਹਲਕੇ ਨੀਲੇ ਅਤੇ ਸਫੇਦ ਰੰਗ ਦੇ ਮੀਨਾਕਾਰੀ ਸੈਟ ਅਜ਼ਮਾ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦੇ ਰੰਗਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਆਪਣੇ ਵਿਆਹ ਦੇ ਜੋੜੇ ਦਾ ਰੰਗ ਚੁਣ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਸਾਡੀ ਮੰਨੋ ਤਾਂ ਹੱਥਾਂ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਜੜਾਊ ਚੂੜੀਆਂ ਪਹਿਨੋ। ਜਵੈਲਰੀ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਜੜਾਊ ਵਿਧੀ ਵਿੱਚ ਹੀਰੇ, ਪੰਨੇ ਅਤੇ ਨੀਲਮ ਵਰਗੇ ਵੱਡਮੁਲੇ ਰਤਨ ਸੋਨੇ ਵਿੱਚ ਜੜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਆਪਣੇ ਨਹੁੰਆਂ ‘ਤੇ ਪਹਿਨਾਵੇ ਨਾਲ ਮੇਲ ਖਾਂਦੇ ਰੰਗ ਲਗਾਓ। ਪੋਲਕੀ ਕੁੰਦਨ ਜਵੈਲਰੀ ਵਿੱਚ ਬਿਨਾਂ ਤਰਾਸ਼ੇ ਹੀਰਿਆਂ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਵਿਆਹਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦਾ ਖੂਬ ਇਸਤੇਮਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਜਵੈਲਰੀ ਵਿੱਚ ਪੋਲਕੀ ਹੀਰੇ ਗੋਲਡ ਕੇਸਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜੜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਇਸਨੂੰ ਕੁੰਦਨ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਪੋਲਕੀ ਕੁੰਦਨ ਜਵੈਲਰੀ ਸ਼ਾਨੋ-ਸ਼ੌਕਤ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹੈ। ਸੁੰਦਰ, ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਚੂੜੀਆਂ ਅਤੇ ਨੈਕਲੈਸ, ਕੰਨਾਂ ਦੀਆਂ ਵਾਲੀਆਂ , ਅੰਗੂਠੀਆਂ ਅਤੇ ਮਾਂਗ ਟਿੱਕਾ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਬਿਨਾਂ ਤਰਾਸ਼ੇ ਹੀਰਿਆਂ ਨੂੰ ਸੋਨੇ ਵਿੱਚ ਸਿੱਧੇ ਬਿਠਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਤੁਸੀਂ ਮਾਣਿਕ, ਪੰਨਾ ਅਤੇ ਨੀਲਮ ਦੇ ਇਸਤੇਮਾਲ ਨਾਲ ਬਣੇ ਕੁੰਦਨ ਜਾਂ ਜੜਾਊ ਪੀਸ ਵੀ ਚੁਣ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਕੁੰਦਨ ਜਵੈਲਰੀ ਦੇ ਕੁਝ ਪੀਸਾਂ ਵਿੱਚ ਰੋਜ਼-ਕਟ ਡਾਇਮੰਡ, ਡਬਲ-ਕਟ ਡਾਇਮੰਡ ਅਤੇ ਮੋਤੀਆਂ ਦੇ ਇਸਤੇਮਾਲ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਸਫੇਦ ਰੰਗ ਦੇ ਪੀਸ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਦਿਖਣ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸੁੰਦਰ ਅਤੇ ਦੁਲਹਨ ‘ਤੇ ਖੂਬ ਜਚਦੇ ਹਨ। ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣੀ ਕੁੰਦਨ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਿੱਚ 1-2 ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਲਈ ਕਾਰੀਗਰ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਬਾਰੀਕੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈਂਦੀ ਹੈ। ਜੇ ਦੁਲਹਨ ਦੀ ਪਸੰਦ ਹਲਕੇ ਰੰਗ ਹਨ, ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਨੱਵਰਤਨ ਜਵੈਲਰੀ ਦਾ ਸੈਟ ਖਰੀਦਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਚੋਕਰ, ਬ੍ਰੈਸਲੇਟ ਅਤੇ ਝੁਮਕੇ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਨੌ ਰਤਨ ਨੌ ਗ੍ਰਹਿਆਂ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹਨ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁੱਭ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਜਦੋਂ ਗੱਲ ਵਿਵਿਧਤਾ ਦੀ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਇਹ ਬੇਮਿਸਾਲ ਹਨ ਅਤੇ ਦੁਲਹਨ ਦੇ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਟਾਇਲ ਅਤੇ ਪਹਿਨਾਵੇ ਦੇ ਨਾਲ ਖੂਬ ਜੱਚਦੇ ਹਨ। ਅੰਦਾਜ਼ 3 ਤੀਜਾ ਅੰਦਾਜ਼ ਕਿਸੇ ਹਿਲ ਸਟੇਸ਼ਨ ‘ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਸ਼ਾਦੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧ ਰੱਖਦਾ ਹੈ। ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਕਿਸੇ ਖਾਸ ਡੈਸਟੀਨੇਸ਼ਨ ‘ਤੇ ਵਿਆਹ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉੱਥੇ ਬਰਫ਼ ਪੈਣ ਜਾਂ ਕੋਹਰਾ ਪੈਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਕਰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਇਸ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੇ ਅੰਦਾਜ਼ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰ ਅਜ਼ਮਾਓ। ਜੇ ਤੁਹਾਡੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਬਰਫ਼ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਬਹੁਤ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਪੱਛਮੀ ਜਾਂ ਪੱਛਮੀ-ਭਾਰਤੀ ਡ੍ਰੈਸ ਪਹਿਨਣਾ ਪਸੰਦ ਕਰੋਗੇ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਪਹਿਨਾਵੇ ਦੇ ਨਾਲ ਪੰਨੇ ਵਾਲੀ ਤਰਾਸ਼ੇ ਹੋਏ ਹੀਰੇ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਖੂਬ ਜਚਦੀ ਹੈ। ਸਮੁੰਦਰ ਕਿਨਾਰੇ ਵਾਲੇ ਵਿਆਹ ਲਈ ਹੀਰੇ ਅਤੇ ਮੋਤੀਆਂ ਜਾਂ ਨੀਲੇ ਨੀਲਮ ਦਾ ਕੰਬੀਨੇਸ਼ਨ ਅਜਮਾਓ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਅੰਦਾਜ਼ ਜਗ੍ਹਾ ਦੀ ਸੁੰਦਰਤਾ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਖੂਬ ਜਚੇਗਾ। ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਸਟ੍ਰੈਪ ਵਾਲਾ ਬਲਾਉਜ਼ ਪਹਿਨਣ ਜਾ ਰਹੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਨੈਕਲੈਸ ਨੂੰ ਆਕਰਸ਼ਣ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਬਣਾਓ। ਸਾਡਾ ਸੁਝਾਅ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਚੋਕਰ ਜਾਂ 3 ਤੋਂ 4 ਲੇਅਰ ਵਾਲਾ ਨੈਕਲੈਸ ਚੁਣੋ। ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਵੱਡੇ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰ ਝੁਮਕੇ ਪਹਿਨਣ ਜਾ ਰਹੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਨਾਲ ਹੀ ਪਤਲਾ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰ ਨੈਕਲੈਸ ਪਹਿਨੋ। ਆਪਣੀ ਪੁਸ਼ਤੈਨੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਜੁਗਲਬੰਦੀ ਬਣਾਓ, ਜਿਸਨੂੰ ਪਹਿਨ ਕੇ ਆਪਣੇਪਣ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਤਾਂ ਜਾਗ੍ਰਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਨਾਲ ਹੀ ਹਰ ਅਵਸਰ ‘ਤੇ ਵੀ ਉਹ ਖੂਬ ਜਚਦੀ ਹੈ। ਇਸਤਰੀ ਧਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਯੁਗ, ਸਥਾਨ ਅਤੇ ਵਿਅਕਤੀਗਤ ਸਟਾਇਲ ਅਤੇ ਪਸੰਦ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਸਭ ਤੋਂ ਖਾਸ ਦਿਨ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੀ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਪਹਿਚਾਣ ਨਾਲ ਲੈ ਜਾ ਰਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹੋ। ਕਹਿਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਕਿ ਪੁਸ਼ਤੈਨੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦੀ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸੁੰਦਰਤਾ ਬੇਮਿਸਾਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਹਲਕੇ ਵਜ਼ਨ ਵਾਲੀ ਜਵੈਲਰੀ ਅਕਸਰ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਪਹਿਨਣ ਲਈ ਪਹਿਲੀ ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਪਰ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਨਵਾਂ ਚਲਣ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਹਲਕੇ ਵਜ਼ਨ ਵਾਲੀ ਜਵੈਲਰੀ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਫਾਇਦਾ ਇਹ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਖਰੀਦਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਰ ਪੀਸ ਨੂੰ ਨਿਯਮਿਤ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪਹਿਨ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਇੱਕ ਯਾਦ ਦੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਉਸਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਅਤੇ ਕਿਤੇ ਵੀ ਪਹਿਨ ਕੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਤੁਸੀਂ ਹਲਕੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ ਜਵੈਲਰੀ ਨੂੰ ਸੁੰਦਰ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਪਹਿਨ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੈਕਲੇਸ, ਚੂੜੀਆਂ ਅਤੇ ਬ੍ਰੈਸਲੈਟ ਨੂੰ ਸਹੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੇਅਰ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਇਹ ਜਵੈਲਰੀ ਸ਼ਾਦੀ ਦੀ ਕਾੱਕਟੈਲ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਪਹਿਨੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਖਾਸ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਕਈ ਸਟਾਇਲ ਵਿੱਚ ਉਪਲਬਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਰੋਜ਼ ਗੋਲਡ, ਵ੍ਹਾਇਟ ਗੋਲਡ ਅਤੇ ਪਲੈਟੀਨਮ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਆਹਾਂ ਲਈ ਤਰ੍ਹਾਂ-ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅੰਦਾਜ਼ ਅਜ਼ਮਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਚਾਹੇ ਤੁਸੀਂ ਕੋਈ ਵੀ ਸਟਾਇਲ ਅਜ਼ਮਾਓ, ਯਾਦ ਰੱਖੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਖਾਸ ਦਿਨ ਸਭ ਤੋਂ ਬੇਸ਼ਕੀਮਤੀ ਜਵੈਲਰੀ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਚਿਹਰੇ ‘ਤੇ ਮੁਸਕਰਾਹਟ ਅਤੇ ਆਤਮਵਿਸ਼ਵਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਕਦਮ ਰੱਖਣ ਦਾ।
Publisher: Kalyan Jewelers

त्योहार की खुशियाँ बढ़ाएं हीरों के साथ

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हीरों का चलन कभी भी पुराना नहीं पड़ सकता है। सुंदर हीरों से बने शानदार डिज़ाइनों वाली चमचमाती ज्वेलरी का सेट ख़रीदने के लिए किसी अवसर की ज़रूरत नहीं होती है। चाहे कोई भी अवसर क्यों ना हो, हीरा हर अवसर पर जंचता है। चाहे त्योहार हो, शादी हो या फिर ऐसे ही पहनने का मन हो, हीरे किसी भी ख़ास मौके को और भी ख़ास बनाते हैं। सर्दी का मौसम यानी कि शादियों और त्योहार का मौसम। हर दुल्हन चाहती है कि वो अपनी शादी वाले दिन सबसे बेहतरीन दिखाई दे; अच्छे कपड़े और शानदार ज्वेलरी पहने। शादी में सबसे आकर्षक दिखने के लिए अगर ज़्यादा पैसे भी ख़र्च हों, तो कोई फ़र्क नहीं पड़ता। अपने ख़ास दिन को और भी ख़ास बनाने के लिए चमचमाते हुए हीरों और रत्न जड़ित खूबसूरत ज्वेलरी ख़रीदें। चमकीले हीरों, माणिक, पन्नों वाला मांग टीका, साथ ही सिर पर बांधे जाने वाली माला पहनें जो भारत की पारंपरिक कारीगरी का सुंदर नमूना प्रस्तुत करती है। हमारा सुझाव है कि पारंपरिक दुल्हन के अपने रूप को चार-चाँद लगाने के लिए आप साथ में नथ भी पहनें। ये जुगलबंदी बहुत ज़्यादा भड़काऊ दिखने के बजाय शाही एहसास कराती है। अगर आप किसी शादी में जा रही हैं, तो चोकर के साथ कोई लंबा नेकलेस पहनें, जैसे कि सीता हार या अलग-अलग लंबाई वाले कई नेकलेस और साथ में नेट वाली साड़ी, जिसके बाद आप किसी राजकुमारी से कम नहीं लगेंगी। बस इतना ध्यान रखें कि साड़ी से वो ढके नहीं हों। हालांकि, ज्वेलरी में इस्तेमाल किए गए जवाहरात पहनावे से मेल खाने चाहिए। अलग-अलग कांबिनेशन आजमाएँ, ज़रा हट के पहनने की कोशिश करें, अलग-अलग मध्यम और चमकीले रंगों वाले रत्नों, साथ ही पोलकी और मोतियों की जुगलबंदी तैयार करें। अगर आप ही वो हैं जिसकी शादी हो रही है और आपकी शादी का जोड़ा लाल और सुनहरे रंग का है जिसके ऊपर जरदोज़ी का शानदार काम किया गया है, तो हीरे और रूबी गोल्ड रंग का जड़ाऊ नेकलेस साथ में कान की बालियाँ और चूड़ियाँ पहनें। इसके अलावा सुंदर से डिज़ाइन वाली पायल भी आपके ऊपर खूब जंचेगी। हीरे मोतियों से जड़ी सोने की ज्वेलरी भूरे रंग के पहनावे की शोभा बढ़ाती है। आप पारंपरिक और भव्य टेंपल ज्वेलरी भी आज़मा सकती हैं। पारंपरिक डिज़ाइन और पैटर्न को शामिल कर बनाई जाने वाली टेंपल ज्वेलरी की सुंदरता के क्या कहने! इसके साथ ही कोई भी शादी लोकप्रिय और अनूठी ज्वेलरी जैसे कि हाथों में पहने जाने वाली चेन के बिना अधूरी लगती है। हैंड ब्रेसलेट, जिसमें अंगूठी को ब्रेसलेट से जोड़ती एक चेन का उपयोग किया जाता है, उसे पहन कर आपके हाथों की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। कोई भी महिला इस गहने को त्योहार पर पहन कर आकर्षण का केंद्र बन सकती है। अक्सर अंगूठियों, लिंक और ब्रेसलेट में हीरे और रत्न जवाहरात जड़े जाते हैं और उन्हें लुभावना बनाया जाता है। भारतीय शादियों में हीरे के झुमके पहनने का भी रिवाज है। अगर आप भी महफ़िल में जान डालना चाहती हैं, तो हीरों के ये शानदार झुमके ज़रूर आज़माएँ। हीरे के झुमके इसलिए भी सबसे अनूठे होते हैं क्योंकि उनमें लगे रत्नों से निकलने वाला मध्यम रंग अलग ही जादू बिखेरता है। अगर कांबिनेशन को और जबरदस्त बनाना है, तो चमचमाते हीरों के साथ असाधारण पन्ने जड़ित झुमके पहनें। पोलकी ज्वेलरी में हीरे सबसे मनोहर दिखाई देते हैं। पोलकी ज्वेलरी में बिना तराशे हीरों का उपयोग उसे ख़ास, अनूठा और आकर्षक बनाता है। बिना तराशे हीरों का मतलब है शुद्ध हीरे। पोलकी ज्वेलरी ख़रीदने का मतलब है कि आप बिल्कुल शुद्ध हीरे ख़रीद रहे हैं। उनमें से निकालने वाली आभा और जगमगाहट ज्वेलरी की शोख़ी और शान दोनों बयान करती है, ठीक वैसे जैसे कि दुल्हन का सुंदर रूप दिखता है। हम सभी को चाँद बालियाँ अच्छी लगती हैं, जो हर पहनावे और अवसर पर जंचती हैं। इसके अलावा आप मल्टी-लेयर वाला पोलकी डायमंड नेकलेस आज़मा सकती हैं, या फिर इसके ठीक उलट सुंदर जवाहरात जैसे कि माणिक को भी चुना जा सकता है। पार्टी का माहौल केवल शादियों में ही नहीं बल्कि सर्दी के मौसम में भी देखने को मिलता है। गहरे लाल रंग की ड्रेस या काले रंग की साटन के साथ अंगुलि पर पहनी सॉलिटेर अंगूठी के तो क्या कहने! भारतीय परंपरा और पश्चिमी फ़ैशन की जुगलबंदी करनी है, तो छोटी-छोटी बूंदों वाली कान की बालियाँ या ईयर कफ़ भी ख़रीदे जा सकते हैं। नवरत्न ज्वेलरी आजकल दुल्हनों की पसंद बनती जा रही है, इसका कारण ये है कि दिखने में ये बहुत भव्य लगती है। तरह-तरह के रंगों और हीरे-जवाहरात के उपयोग से बनाए गए गहने शादी की रस्मों पर पहनने के लिए बहुत उपयुक्त लगते हैं। कॉलर वाला नवरत्न नेकलेस राजसी शानौ-शौकत का एहसास दिला सकता है। नवरत्न ज्वेलरी तभी पहनी अच्छी लगती है अगर आप पारंपरिक के साथ-साथ आधुनिक का मेल करने की इच्छुक हों। आखिर में, हम बात करते हैं जड़ाऊ ज्वेलरी की, जैसे कि पोलकी, कुन्दन और मीनाकारी ज्वेलरी। जड़ाऊ ज्वेलरी को सबसे भव्य ज्वेलरी माना जाता है क्योंकि अधिकांश तौर पर इसे हाथों से तैयार किया जाता है; इसके हर पीस को बनाने में लगभग तीन से चार महीने का समय लगता है। ज्वेलरी का हर पीस उसे बनाने वाले कारीगर के प्यार, सालों की मेहनत और प्रतिभा का प्रतीक होता है। इस ज्वेलरी का संबंध मुगल और राजपूत काल से है, जिस कारण से ये ज्वेलरी उसी शानो-शौकत की याद दिलाती है, और अगर आपको भी अपनी शादी पर वो एहसास करना है, तो इस ज्वेलरी से बेहतर और कुछ नहीं है। इसका हर पीस हीरों और अन्य रत्नों, जैसे कि मोतियों, माणिक और पन्ने के साथ बनाया जाता है, लेकिन अक्सर इसमें 22-24 कैरट सोने में हीरे लगाए जाते हैं। हीरों और माणिक वाला जड़ाऊ पाँच लड़ा आपके शादी के जोड़े को और भी शानदार बना सकता है। मल्टी-लेयर वाले पोलकी डायमंड नेकलेस के साथ पन्ने और हीरे का चोकर पुराने समय की याद दिलाने के साथ ही आधुनिकता की झलक भी प्रदान करता है। इसी तरह से हीरों से सुसज्जित सोने की ज्वेलरी संगीत या मेहँदी समारोह को ग्लैमरस बना सकती है। आंध्र की दुल्हनों से प्रेरणा लेते हुए हम सुझाव देते हैं कि आप कमर बंध और कुशल कारीगरों के हाथों से निर्मित हीरों और सोने की बढ़िया डिज़ाइन वाली चूड़ियाँ आज़माएँ। हीरे के गुणों के तो क्या कहने, जितना सुंदर वो अकेले दिखाई देते हैं उतना ही सुंदर वो अन्य जवाहरात और धातु के साथ भी दिखते हैं। तो अपने कलेक्शन में ऐसे पीस शामिल करें जो कि आकर्षक दिखने के साथ-साथ पश्चिमी और भारतीय पहनावे के साथ आसानी से पहने जा सकें। मकसद है भव्यता और सुंदरता, कारीगरी और अहमियत और सबसे ज़रूरी स्टाइल और फ़ैशन के बीच संतुलन कायम करना।
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