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भाई दूज – अपने भाई के लिए प्यार जताने का दिन

भाई दूज का त्योहार मन को लुभा लेने वाला त्योहार होता है। ये दिन होता है बहुत सारी बातों को याद करने का; भाई-बहन के झगड़े, शिकायतें और बड़ों का बीच-बचाव करना, एक दूसरे को राज़ की बातें बताना और एक दूसरे को पूरी तरह से समझना। भाई-बहन जैसा रिश्ता कई उतार-चढ़ाव से गुज़रता है, लेकिन रिश्ता हमेशा अटूट रहता है। भारतीय परंपराओं में इस रिश्ते को भाई दूज और रक्षा बंधन जैसे त्योहारों के साथ मनाया जाता है। इस दिन घर के कोने-कोने को सजाया जाता है। दरवाज़ों पर फूलों की मालाएं लगाई जाती हैं, थाली में पूजा का सामान और तिलक या मिठाइयां रखी जाती हैं और घर को ख़ुशबुओं से महकाया जाता है। भारतीय महिलाएं और पुरुष अपनी पारंपरिक वेशभूषाएं और शानदार ज्वेलरी पहनते हैं।
भाई दूज का त्योहार दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने चहेते भाइयों की लंबी उम्र, सेहत और समृद्धि के लिए भगवान से कामना करती हैं। इसके बाद भाइयों के माथे पर तिलक लगाया जाता है, हाथों में सजाई गई पूजा की थाली के साथ उनकी आरती उतारी जाती है। इस थाली में भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित रिवाजों के अनुसार रोली, चावल, नारियल और दूर्वा घास आदि को रखा जाता है। तिलक लगा कर बहन अपने भाई की नकारात्मक प्रभावों से भी रक्षा करती है। प्यार और अपने-पन का भाव दर्शाते हुए भाई अपनी बहनों को बढ़िया तोहफे देते हैं। बदले में बहनें उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराती हैं, उन्हें प्यार करती हैं और तोहफे देती हैं।
इस अवसर पर तोहफे के तौर पर ज्वेलरी देने से अच्छी चीज़ और क्या हो सकती है, जिसका मूल्य और चमक कभी खत्म नहीं होती है। इस अवसर पर दिया गया तोहफा उस रिश्ते का प्रतीक बन जाता है। भाई-बहन के बड़े हो जाने पर भी ये तोहफा पुराना नहीं पड़ता। चाहे सोने की या हीरे की अंगूठी हो,चाहे हाथों से निर्मित पारंपरिक नेकलेस या आधुनिक डिज़ाइन वाली ज्वेलरी,इससे बढ़िया तोहफा और क्या हो सकता है।
हर भारतीय त्योहार के समान, भारत के विभिन्न हिस्सों में भाई दूज को अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है। इसे मनाने की रीति-रिवाज भले ही अलग हों, लेकिन आस्था और परंपरा एक ही होती है। भाई दूज को कई अन्य नामों से जाना जाता है, जैसे कि पश्चिम बंगाल में इसे भाई फ़ोटा, महाराष्ट्र में इसे भाऊ बीज, नेपाल में भाई टीका और भारत के कुछ हिस्सों में इसे यम द्वितीय कहा जाता है।
इस शुभ दिन की उत्पत्ति के साथ कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। एक लंबे चले युद्ध में नरकासुर राक्षस को हराने के बाद भगवान अपनी बहन सुभद्रा के घर पहुंचे, जिन्हें देख सुभद्रा बहुत खुश हुई और अपने भाई के माथे पर उन्होंने “तिलक” लगाया और बहुत आदर के साथ उनका अभिनंदन किया गया। उन्होंने फूलों और मिठाइयों के साथ भगवान कृष्ण का स्वागत किया, जिसके बाद से “भाई दूज” का त्योहार मनाया जाने लगा।
एक अन्य पौराणिक कथा का संबंध मृत्यु के देवता यम और उनकी बहन यमुना से है। उस कथा के अनुसार यम ने अमावस्या के दूसरे दिन अपनी प्यारी बहन यमुना को देखा था। उन्होंने यम का स्वागत आरती, तिलक और मिठाइयों से किया। अपनी बहन से खुश होकर यम ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन यमुना नदी में डुबकी लगाने वाले भाई-बहन को मुक्ति की प्राप्ति होगी।
पश्चिम बंगाल में इस पर्व को “भाई फ़ोटा” के नाम से जाना जाता है, जब बहन पूरा दिन उपवास रख अपने भाई के आगमन का इंतज़ार करती है। उसके बाद वह अपने भाई के माथे पर तीन बार घी, काजल और चंदन से निर्मित एक विशेष तिलक लगाती है और उसकी आरती करती है। आरती के बाद बहन अपने भाई के लिए पूजा करती है और वे दोनों एक दूसरे को तोहफे देते हैं। इसके बाद दावत में पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन खाए जाते हैं।
महाराष्ट्र में भाई दूज का त्योहार “भाऊ बीज” के तौर पर मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार, भाई अपनी बहन द्वारा बनाई गई चौकोर आकृति के अंदर बैठता है।
भारत के कुछ हिस्सों में इसअवसर को “यम द्वितीय” के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि यम द्वितीय के दिन अगर कोई व्यक्ति अपनी बहन के हाथों से तैयार किया गया खाना खाता है तो यमराज उसे कोई हानि नहीं पहुंचाते हैं। बिहार में भाई दूज के त्योहार को गोधन पूजा कहा जाता है।
किसी भी प्यार भरे रिश्ते को साबित करने में तोहफों की भूमिका हमेशा ही अहम होती है। वैसे तो हर रिश्ता अपने-आप में अनूठा होता है, लेकिन तोहफों का आदान-प्रदान रिश्तों को मजबूत बनाता है।
कल्याण ज्वेलरी की ओर से प्रस्तुत ज्वेलरी के कुछ उदाहरण जो आपकी बहन को बेशक पसंद आएंगे
हीरे का सादा, सुंदर सॉलिटेयर हमेशा ही सदाबहार माना जाता है। हीरे के झुमके अपना अलग ही प्रभाव छोड़ते हैं। अगर आपकी बहन को सादी पर सुंदर ज्वेलरी पसंद है, तो हमारा सुझाव है कि आप उनके लिए प्लैटिनम चेन साथ में बढ़िया डिजाइन वाला पेंडेंट या व्हाइट गोल्ड वाला डायमंड स्टड सेट तोहफे में दें। इन्हें किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है और तोहफे में देने के लिए भी ये बहुत बढ़िया होते हैं। रोज़ाना पहनने के लिए डायमंड सेक्शन या ऑफिस कलेक्शन में से नाज़ुक लेकिन उत्कृष्ट डायमंड नेकलेस उनके गले पर बहुत जंचेगा और व्यक्तित्व को निखारेगा। उन्हें सबसे अनूठा दिखने में मदद करें, फिर चाहे काम के दौरान या फिर अपने दोस्तों के साथ खाने पर मुलाकात का समय ही क्यों ना हो।
अगर आपकी बहन को चूड़ियां पहनना पसंद है, तो आप अनेक प्रकार की आधुनिक या हाथों से निर्मित पारंपरिक डिज़ाइन वाली चूड़ियां उन्हें तोहफे में दे सकते हैं। उदाहरण के तौर पर,चमकदार नीले रत्न या माणिक जड़ित सुंदर डायमंड ब्रेसलेट या पतले-पतले कई गोल्ड ब्रेसलेट आजकल बहुत ही फैशनेबल हैं। सोने की बड़े आकार वाली ज्वेलरी पहनने में अनूठी लग सकती है। एक आधुनिक महिला को पसंद आने वाले अनूठे और नए डिज़ाइन देखें। आज की महिला मस्त,निडर है जिसे नई-नई चीज़ें आज़माने से डर नहीं लगता है। अलंकृत डिज़ाइन, चांदी, रोज़ गोल्ड वाली ज्वेलरी उनके ज्वेलरी कलेक्शन की शोभा बढ़ाएगी।
अगर उन्हें पारंपरिक ज्वेलरी पहनना पसंद है, तो कल्याण ज्वेलर्स के हाथों से निर्मित ज्वेलरी कलेक्शन में से कोई अनोखा पीस ख़रीदें। सुंदर कारीगरी वाली कान की बालियां, अंगूठियां और नेकलेस उन्हें बेशक बहुत खुशी देगा।
ऐसे ज्वेलरी जिसे आपका भाई हमेशा याद रखे
कल्याण ज्वेलर्स की ओर से पुरुषों के लिए अनूठे, उत्कृष्ट तोहफों की रेंज में शानदार एक्सेसरीज़ और बेहतरीन कारीगरी वाली ज्वेलरी शामिल है। आजकल ज्वेलरी पहनने का चलन है। आज के पुरुष को शान, सादगी और भव्यता पसंद आती है। इस कलेक्शन में अनेक प्रकार की उत्तम डायमंड ज्वेलरी है जो किसी भी ज्वेलरी प्रशंसक को पसंद आएगी। किसी पुरुष को तोहफे में ज्वेलरी देनी है तो सोने की आकर्षक डिज़ाइन वाली हीरे जड़ित अंगूठी सबसे उत्तम होती है।
सोने की पारंपरिक डिज़ाइन वाली चेन सदाबहार मानी जाती हैं और जिन्हें किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है। लट के डिज़ाइन वाला, दो-रंगा उत्कृष्ट ब्रेसलेट बेशक पहनने में शानदार और आकर्षक होता है। सोने के ब्रेसलेट में सुंदर कलाकृति वाला काला गोमेद बहुत ही अनोखा लगता है और जो किसी भी पुरुष के पास होना ज़रूरी है। तोहफे के तौर पर भाई को 24 कैरट वाला सोने का सिक्का देकर प्यार की पवित्रता को दर्शाया जा सकता है। कुर्ते के बटन पुरुषों की शान बढ़ाते हैं। तोहफे में हीरे जड़ित सोने के बटन देकर उनके कुर्ते की शान बढ़ाएं। या फिर डायमंड कफलिंक तोहफे में देकर उनके उत्कृष्ट सूट या टक्सेडोको चार-चांद लगाएं।
भाई दूज का त्योहार देश भर में धूम-धाम से मनाया जाता है। बेशक इस त्योहार को मनाने के रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन भाई दूज को मनाने का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के अटूट बंधन को यादगार बनाना होता है; इसके साथ ही स्वादिष्ट मिठाइयां और शानदार तोहफे मिल जाएं, इससे बढ़िया और क्या बात हो सकती है।
वैसे तो तोहफा मिलने पर खुशी बहुत होती है, लेकिन तोहफा देने की तसल्ली की बात ही अलग होती है। इस भावना को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। तोहफा खोलने में मिलने वाली खुशी पल भर की होती है, जबकि तोहफा देने की खुशी बरसों याद रह जाती है। तोहफा देने का मतलब होता है कि आप सामने वाले व्यक्ति की सराहना कर रहे हैं और अपने दिल में उसके प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे हैं।
भाई-बहन का रिश्ता अनूठा होता है। इस रिश्ते में एक दूसरे की मदद करना और उसकी गलतियों को नज़रअंदाज़ कर देने की भावना शामिल होती है। इसलिए, भाई-बहन को दिया जाने वाला तोहफा भी इस रिश्ते के समान बेहतरीन होना चाहिए।

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